हर घर तिरंगा: जानें तिरंगा फहराने के नियम और गाइडलाइंस

आजादी के 75 साल पूरे होने के अवसर पर भारत सरकार आज से हर घर तिरंगा अभियान शुरु करने जा रही है। सरकार ने देश की जनता से अपने घरों में तिरंगा लगाने की अपील की है। अगर आप भी अपने घर में तिरंगा लगाने या फहराने वाले है तो फहराने से पहले इससे जुड़े कायदे-कानून जान लें ताकि तिरंगा के अपमान पर आपको जेल ना जाना पड़ जायें।

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तिरंगा फहराने के नियम

तिरंगे को खुले में 24 घंटे तक पूरे सम्मान के साथ फहराएं। तिरंगे को पानी से ना भिगोये और ना ही किसी भी प्रकार से इसे क्षति पहुंचाये। तिरंगे में केसरिया पट्टी सबसे ऊपर होनी चाहिए। तिरंगा आधा झुका, कटा और फटा नहीं होना चाहिए।

झंडे का आकार आयताकार होना चाहिए। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना चाहिए।

अशोक चक्र में 24 तिल्लियां होनी आवश्यक है। तिरंगा कभी भी फटा या मैला कुचैला नहीं फहराया जाना चाहिए। तिरंगे को किसी भी प्रकार के यूनिफार्म में प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। साथ ही तिरंगा जमीन को नहीं छूना चाहिए। किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं रख या लगा सकते।

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आपको बता दे कि झंडे के किसी भाग को जलाने, नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।

झंडे पर कुछ भी बनाना या लिखना गैरकानूनी है। झंडा अगर फट जाए या फिर मैला हो जाए तो उसे एकांत में मर्यादित तरीके से नष्ट करें।

आपको बता दे कि अगर तिरंगा समय के साथ हवा से या किसी अन्य कारण गंदा हो जाए या फट जाए तो ऐसी स्थिति में निस्तारण करने के दो तरीके है। एक दफन करना और दूसरा जलाना।

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बेहद गंदे या किसी कारण फट गए राष्ट्रीय ध्वज को दफन करने के लिए लकड़ी का ही बाक्स लेना होगा। इसमें तिरंगे को सम्मानपूर्वक तह लगाकर रखना होगा। फिर बहुत ही साफ स्थल पर जमीन में दफन करना होगा। इसके बाद उस स्थान पर दो मिनट तक मौन खड़े रहना होगा।

साथ ही दूसरा तरीका जलाने की है। इसके लिए साफ स्थान पर लकड़ी रखकर उसमें आग लगानी होगी। अग्नि के मध्य में इसे सम्मानपूर्वक तह लगाकर डालना होगा। किनारे से नहीं।

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